SIM Swap Fraud in Hindi | अपने बैंक खाते को हैक होने से कैसे बचाएं?

अगर आपको लगता है कि अपने बैंक अकाउंट को मोबाइल नंबर से  जोड़कर आप अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित कर रहे हैं तो शायद आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं| आपके बैंक खाते को हैक कर सारे पैसे गायब करने के लिए मार्केट में SIM Swap Fraud नामक तकनीक काम में ली जा रही है|

SIM Swap Fraud in Hindi

जी हां पिछले कुछ वर्षों से हमारे देश में डिजिटल इंडिया का नारा बड़े जोरों शोरों से दिया जा रहा है इसकी सबसे बड़ी वजह भारत को कैशलेस अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना है| कैशलेस अर्थव्यवस्था या कैशलेस भुगतान का सीधा सा मतलब यह है कि कागज के बने हुए  नोटों का इस्तेमाल कम से कम कर इंटरनेट बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से वस्तुओं की खरीद व बिक्री को बढ़ावा दिया जाए|

आज के युग में दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा को देखते हुए  कैशलेस अर्थव्यवस्था विकसित करना भी बहुत जरूरी है| लेकिन वह कहते हैं ना कि “कोई भी चीज परफेक्ट नहीं होती उस में कुछ ना कुछ खामियां जरूर होती है” ऑनलाइन भुगतान व इंटरनेट बैंकिंग के कई सारे लाभ हैं जो आप घर बैठे पा सकते हैं लेकिन इस कैशलेस अर्थव्यवस्था ने ऑनलाइन अपराध करने वाले हैकरों के लिए आपके बैंक खाते को हैक कर पैसे गायब करने के कई सारे रास्ते खोल दिए हैं|

इस पोस्ट में हम निम्न सवालों के जवाब ढूंडने की कोशिश करेगें|

  1. सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud) क्या है?
  2. सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud) करने के कौन-कौनसे तरीके है?
  3. हैकर किस प्रकार हमारी नीजी जानकारी इकठ्ठा करते है?
  4. हैकर कैसे हमारे बैंक खाते का ब्यौरा चोरी करता है?
  5. नीजी जानकारी और बैंक खाते का ब्यौरा मिलने के बाद हैकर किस तरह हमारे खाते से पैसे गायब करता है?
  6. सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud) से बचने के क्या-क्या उपाय है?
  7. अगर खाता हैक हो जाए तो कौन-कौन से कदम उठाने चाहिए?
SIM Swap Fraud in Hindi

SIM Swap Fraud in Hindi

वैसे तो आपके बैंक अकाउंट को कई तरीकों से हैक किया जा सकता है लेकिन आजकल जो  तरीका सबसे ज्यादा प्रचलन में है वह है सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud in Hindi)

सिम स्वैप फ्रॉड क्या है? What is SIM Swap Fraud?

सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud) के अंतर्गत अगर आपके पास कोई सिम कार्ड है जो आपके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है तो हैकर आपके बैंक खाते मैं सेंध लगाने के लिए मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर के पास जाकर उसी नंबर की नई सिम कार्ड  निकलवा लेते हैं जिससे कुछ ही देर बाद आपके मोबाइल की सिम बंद हो जाती है| इसके बाद हैकर बैंक से आने वाली OTP मैसेज का इस्तेमाल कर कुछ ही मिनटों में आपके खाते से सारा पैसा गायब कर देते हैं|

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हमारे भारत देश में  सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं| अब सोचने वाली बात यह है कि है कि किस तरह हैकर्स आपकी पूरी जानकारी लेने के साथ-साथ आपके सिम कार्ड को बंद कर देते हैं| और उसके बदले नया SIM कार्ड प्राप्त कर लेते हैं तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि यह सब अपराध करने में आप खुद उनका सहयोग करते हैं बिना आपके सहयोग के  वह यह अपराध करने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं है|

सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud) करने के कौन-कौनसे तरीके है?

तो आइए जानते हैं वह सभी तरीके जिनसे वह हैकर आपको इस सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap Fraud) मायाजाल में फंसाते हैं और आपके ही बैंक अकाउंट को हैक करने के लिए वह आपको किस तरह मजबूर करते हैं|

पहला तरीका:  सिम कार्ड अपग्रेड

इसके अंतर्गत हैकर आपको कॉल करता है और आपके सिम कार्ड को 3G-4G में अपग्रेड करने या उसकी वैद्यता बढ़ाने के नए-नए ऑफर देता है|  अगर आप उसकी बात से सहमत हो जाते हैं तो वह आपको आपके सिम कार्ड पर लिखा हुआ 20 अंकों का नंबर कस्टमर केयर के नंबर 121 पर SMS करने के लिए कहता है|  इस स्थिति में हैकर आपके मोबाइल नंबर वाली नई  3जी या 4जी सिम पहले से ही निकलवा कर रखता है| जैसे ही आप 20 अंकों वाला नंबर 121 पर मेसेज करते हैं उसके कुछ देर बाद आपके मोबाइल में लगा हुआ सिम कार्ड काम करना बंद कर देता है और उस पर नेटवर्क आना बंद हो जाता है और हैकर के पास  पहले से मौजूद  सिम कार्ड काम करना शुरू कर देता है|

दूसरा तरीका:  मोबाइल नेटवर्क बढ़ाना

इसके अंतर्गत आपके मोबाइल पर हैकर कॉल करता है और आपको यह बताता है कि

अभी आप जिस जगह पर रह रहे हैं या रुके हुए हैं उस एरिया के मोबाइल टावर की मेंटेनेंस का काम चल रहा है जिसकी वजह से आपके मोबाइल  SIM कार्ड का नेटवर्क बंद हो सकता है अगर आपके साथ ऐसा होता है तो आपको 7 दिनों के अंदर आपके मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर स्टोर पर जाकर नया SIM कार्ड लेना है अन्यथा आपका सिम कार्ड पूर्णतया बंद कर दिया जाएगा| अगर आप मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर स्टोर पर नहीं जा सकते और भविष्य में होने वाली परेशानी से बचना चाहते हैं तो मैं अभी इसी फोन के जरिए आपके सिम कार्ड को नए सिम कार्ड में अपग्रेड कर देता हूं|”

जब हैकर ऐसा कहता है तो आप सोचते हैं कि अगर घर बैठे-बैठे वह व्यक्ति मेरा सिम कार्ड अपग्रेड कर देता है तो भला इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है| इस प्रकार आप उसे अपने सिम कार्ड को हैक करने की अनुमति दे देते हैं|

अब वह हैकर आपके मोबाइल पर 20 अंकों वाला नंबर भेजता है यह आपके ही सिम कार्ड की डुप्लीकेट सिम कार्ड का नंबर होता है जिसे वह मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से प्राप्त कर लेता है 20 अंकों का नंबर भेजने के बाद वह आपको उस नंबर को कस्टमर केयर नंबर 121 पर सेंड करने के लिए कहता है| जैसे ही आप यह प्रक्रिया पूरी करते हैं आपका SIM कार्ड बंद हो जाता है| और हैकर के पास मौजूद डुप्लीकेट सिम कार्ड एक्टिव हो जाता है और आपको पता भी नहीं चलता|

ऐसा करने के बाद वह आपसे यह भी कहता है की सिम अपग्रेड होने में  6 से 7 घंटों का समय लगेगा इस दौरान आपके सिम कार्ड पर नेटवर्क नहीं आ पाएंगे हो इसीलिए आप परेशान ना हो और हो सके तो अपने मोबाइल को स्विच ऑफ करके रखे| ऐसा वह इसलिए कहता है ताकि इन 6 से 7 घंटों के भीतर वह आपके बैंक खाते को हैक कर सारा पैसा गायब कर सके|

तीसरा तरीका: MNP द्वारा

इसके अंतर्गत हैकर अलग अलग तरीकों से जैसे की स्पैम मेसेज भेजकर या आपके मोबाइल में कोई एप्लीकेशन इनस्टॉल कर के आपके सिम कार्ड को दुसरे ऑपरेटर में पोर्ट करवाने की रिक्वेस्ट सेंड कर देता है और जब रिक्वेस्ट पूर्ण हो जाती है जिस ऑपरेटर में आपकी सिम पोर्ट करवाई गई है उसी ऑपरेटर से नई सिम प्राप्त कर लेता है 7 दिन के बाद आपकी सिम अपने आप बंद हो जाती है और आपको भनक भी नहीं लगती|

हमारी जानकारी कौन हैकर को देता है?

अब सवाल यह उठता है की यह हैकर आपके बारे में इतनी सारी जानकारी कहाँ से इकठ्ठा करते है? तो जवाब यह है की इसके जिम्मेदार भी आप खुद ही है आप खुद ही उन हैकर्स को अपनी सारी जानकारी जान बुझ कर उपलब्ध करवाते है|

होता यह है की हैकर्स कुछ एसी वेबसाइट तैयार करते है जिनमें मनभावक ऑफर्स की भरमार होती है इन ऑफर्स के बदले वह आपसे एक फॉर्म भरवाते है जिसमें आपका नाम, मोबाइल नंबर, पता, आधार नंबर, पेन कार्ड और बैंक खाते ही जानकारी शामिल होती है| इन वेबसाइट पर दिए गए ऑफर्स को कुछ इस तरह शब्दों में पिरोया जाता है जैसे की

इस वेबसाइट पर दिए गए फॉर्म को भरो और पाओ 200 रुपये का पेटीएम कैश, जल्दी करें ऑफर सिमित समय के लिए”

या

आईपीएल दे रहा है 5000 लोगों को फ्री टी-शर्ट, मैंने तो बुक कर ली आप भी जल्दी बुक कर लें”

या

दीवाली के इस पावन पर्व पर सैमसंग कंपनी का अपने ग्राहकों के लिए बम्पर ऑफर, सैमसंग गैलेक्सी सिर्फ 499 रूपए में, फॉर्म भरकर आज ही बुक करवाएं”

इन वेबसाइट के लिंक को Whatsapp और Facebook  मैसेंजर के द्वारा आपके इनबॉक्स में पहुचाया जाता है और जब आप इन ऑफर्स को देखते है तो सब कुछ छोड़कर उन वेबसाइट पर दिए गए फॉर्म को भर कर सबमिट कर देते है और आपकी सारी बहुमूल्य जानकारी हैकर्स के पास पहुच जाती है| आपके बारे में सारी जानकारी तो हैकर के पास पहुच गई लेकिन आपके बैंक खाते का ब्यौरा उनके पास कैसे पहुचता है?

 

आपके बैंक खाते की जानकारी कैसे मिलती है?

जैसे जैसे ऑनलाइन शौपिंग और कैशलेस भुगतान बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे इतने सारे ट्रांजेक्शन को सँभालने के लिए हर रोज़ नई नई एप्लीकेशन और गेटवे मार्केट में लांच हो रही है| जब भी आप इन एप्लीकेशन और गेटवे के माध्यम से फण्ड ट्रान्सफर या भुगतान करते है तो आपके बैंक खाते, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड को इन एप्लीकेशन से लिंक करना पड़ता है बस यही से हैकर आपके बैंक खाते की सारी जानकारी चोरी कर लेते है|

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हैकर कैसे करता है बैंक खाता हैक? | SIM Swap Trick

जब हैकर के पास आपके बैंक खाते का ब्यौरा और डुप्लीकेट सिम कार्ड आ जाता है तो वह मोबाइल नंबर पर OTP भेज कर आपके इन्टरनेट बैंकिंग के पासवर्ड को रिसेट कर लेता है और सारा पैसा गटक जाता है| अगर आपके पास इन्टरनेट बैंकिंग की सुविधा नहीं है तो वह आपके डेबिट कार्ड की सहायता से भी आसानी से पैसे ट्रान्सफर कर सकता है क्यूंकि इसके लिए भी मोबाइल पर आने वाले OTP की ही आवश्यकता पड़ती है|

अब तक हमने जाना की सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap fraud) क्या होता है? किन किन तरीकों से हैकर हमारे सिम कार्ड को स्वैप कर सकता है? हैकर किस तरह हमारी नीजी जानकारी प्राप्त करता है? हैकर किस प्रकार हमारे बैंक खाते का ब्यौरा चोरी करता है और इसी जानकारी से वह किस तरह हमारे बैंक खाते को हैक करता है?

आइये अब जानते है की वो कौन से उपाय है जिनकी मदद से हम सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap fraud) से बच सकते है|

सिम स्वैप फ्रॉड (SIM Swap fraud) से बचने के उपाय :

इसके लिए आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा

  1. जब भी किसी अनजान व्यक्ति का कॉल आये तो उसे कभी भी अपने बारे में सही जानकारी नहीं दे अगर वह बैंक खाते या डेबिट कार्ड की डिटेल पूछे तो भूल कर भी उसे बताने की गलती न करे| क्योंकि कोई भी बैंक इस तरह से कॉल कर के आपके खाते की जानकरी नहीं पूछता है|
  2. Whatsapp और Facebook मैसेंजर पर आने वाले वेबसाइट के ऑफर्स के फॉर्म को कभी भी न भरें अच्छा होगा की आप उस लिंक को खोले ही ना|
  3. सोशल मीडिया साइटों पर कभी भी अपनी पूरी जानकारी सबमिट न करें| अगर करना भी चाहते है तो सभी सिक्योरिटीज आप्शन को ओन कर दें ताकि वही लोग आपके बारे में सब कुछ जन सके जिन्हें आप पहले से जानते हो|
  4. किसी भी तरह के स्पैम ईमेल को न खोले उसमें वायरस होने की सबसे ज्यादा होती है एसे वायरस आपकी सारी गतिविधि हैकर तक पंहुचा सकते है| इस तरह के ईमेल को देखते ही डिलीट कर दें|
  5. किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना मोबाइल फ़ोन न दें हो सके तो मोबाइल में लॉक लगा कर उसे सुरक्षित रखें|
  6. विश्वसनीय एप्लीकेशन पर ही मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करें| किसी भी संदिग्ध ई-कॉमर्स वेबसाइट से शौपिंग न करें|
  7. अगर आप ई-वालेट का इस्तेमाल करते है तो एसा एप्लीकेशन चुने जो पूर्णतया सुक्षित और भरोसे के लायक हो| हो सके तो ई-वालेट में जरुरत के मुताबिक ही पैसे रखें|
  8. समय-समय पर अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट जांचते रहें| अगर खाते से सम्बंधित कोई भी जानकारी अपडेट करनी है तो खुद ही बैंक में संपर्क करें|
  9. मोबाइल नंबर के साथ-साथ ईमेल एड्रेस को भी अपने खाते से जोड़े ताकि बैंक खाता हैक होने की स्तिथि में आपको पूरी जानकारी ईमेल द्वारा मिलती रहे|
  10. अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को इसके बारे में अवश्य जागरूक करें| हो सके तो इस पोस्ट को अपने Whatsapp ग्रुप में और Facebook Account पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें|

अगर खाता हैक हो जाए तो कौन-कौन से कदम उठाने चाहिए?

उम्मीद है ऊपर बताये गए सभी उपायों को आपने भली-भांति पढ़ लिया होगा| यह वो उपाय है जब आपका बैंक खाता हैक न हुआ हो और आप उसे पूर्ण रूप से सुरक्षित रखना चाहे| लेकिन अगर आपका खाता हैक हो जाये तो उस स्थिति आपको क्या क्या कदम उठाने चाहिए? आइये जानते है|

  1. जैसे ही आपको अपने खाते के हैक होने का पता चले तुरंत सम्बंधित बैंक शाखा में संपर्क कर अधिकारीयों को इसके बारे में अवगत करवाएं| हो सके तो इस धोखाधड़ी के बारे में लिखित में सूचित करें और उसकी एक प्रति अपने पास संभल कर रखें|
  2. जितने जल्दी हो सके बैंक से सम्बंधित सभी कार्ड और इन्टरनेट बैंकिंग सेवा बंद करवा दें और कुछ दिनों के लिए बैंक खाता भी होल्ड करवा दें| कई सारे बैंकों ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर SIM Swap Fraud से सम्बंधित दिशा निर्देश डाले हुए है आप वहां से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है| HDFC Guide line | ICICI guide line
  3. बैंक में लिखित सुचना देने के पश्चात् नजदीकी पुलिस थाने में जा कर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच में भी इसकी FIR दर्ज करवाएं|
  4. अगर बैंक 30 दिनों के भीतर आपकी समस्या का समाधान नहीं करता है तो आपक बैंकिंग लोकपाल या आरबीआई से सम्बंधित अधिकारी को भी शिकायत भेज सकते है|

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हम उम्मीद करते है की सिम स्वैप फ्रॉड (SIM SWAP FRAUD in Hindi)के बारे में आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी और इसको पढने के बाद आप भविष्य में पूर्ण रूप से सतर्क रहेगे| जितनी तेज़ी से तकनीकी विकास हमारे देश में बढ़ता जा रहा है उतनी तेज़ी से अपराधों की संख्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है| अपराधी लोग एसे लोगों को निशाना बनाते है जो आसानी से उनके बहकावे में आ सके और उनको सारी जानकारी दे सके| लेकिन अगर हम हमारे आस-पास के सभी लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठा ले तो इन अपराधों पर लगाम लगायी जा सकती है|

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1 Response

  1. Kavish Jain कहते हैं:

    Sim Swapping Fraud Bhut Teji Se Bad Raha Hai.Logo Ko Jagruk Rahna Chahiye.

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