ऑनलाइन पैसे उधार कैसे लें और दें – Peer to Peer Lending in Hindi

इस पोस्ट में हम जानेंगे की ऑनलाइन पैसे उधार लेना या देना (Peer to Peer lending in Hindi) क्या है? और यह कैसे काम करती है? Peer to Peer lending in India के क्या क्या फ़ायदे है और भारत में कौन-कौन सी एसी कंपनियां है जो Peer to Peer lending करती है?

हमारा देश बहुत ही तेज़ी से आगे बढ़ रहा है| अब सभी लोगो के लिए एसी सुविधाएँ उपलब्ध होने लगी है जिसकी कल्पना आज से 10 साल पहले किसी भी आम व्यक्ति ने नहीं की होगी|

Peer to Peer Lending

Peer to Peer lending in Hindi | Definition | Process | Working Strategy | List of Companies in India | Advantage:

आज के दौर में ज्यादातर लोग सोने (Gold) से लेकर किराने के सामान तक सभी चीज़े इ-कॉमर्स के माध्यम से खरीद रहे है| तो क्यों न पैसे उधार भी ऑनलाइन ही ले लिए जाये? जी हाँ, आपने बिल्कुल सही सुना इस आधुनिक ज़माने में Peer to Peer lending प्लेटफार्म के की मदद से घर बैठे कुछ ही घंटो में पैसे उधार लिए जा सकते है|

लेकिन यह सारी सुख सुविधाएँ आम लोगों की पहुच से काफी दूर है क्यूंकि आज भी जब पैसा उधार लेने की बात आती है तब लोग पारंपरिक तरीकों की और रुख कर लेते है| अधिकतर लोग बैंकों, दोस्तों या फिर अपने रिश्तेदारों से पैसा उधार लेते है अगर हम बैंकों से पैसा उधार लेते है तो इसके लिए हमें बैंकों के बार बार चक्कर काटने के साथ साथ दस्तावेजों से जुड़ी कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अगर अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से पैसा उधार लेते है तो पहले तो पैसे लेने के लिए उनसे बहुत मिन्नतें करनी पड़ती है और अगर समय पर उधार नहीं चुका पाए तो रिश्तों में कडवाहट भरने का डर रहता है|

लेकिन अब हमारी यह साड़ी मुसीबतें काफी हद तक कम हो सकती है क्यूंकि ऑनलाइन  Peer to Peer lending प्लेटफार्म के माध्यम से बहुत ही कम दस्तावेजों की जरुरत के साथ सबसे तेज़ ऋण सेवाएं हमारे देश में शुरू हो चुकी है|

पीयर टू पीयर लैंडिंग क्या है – What is Peer to Peer lending in Hindi?

Peer to Peer lending का मतलब बहुत ही आसान है आप उनसे पैसे उधार लेते हो जो उधार देना चाहते हैं| यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसके तहत उधार देने वाले और लेने वाले लोग समान रूप से जुड़े होते हैं उधार लेने वाला या तो एक कल व्यक्ति हो सकता है या कोई समूह और कंपनी हो सकती है|

उधार देने वाले लोग अच्छे ब्याज दर के लिए ज़रूरतमंदों को लोन देने के लिए निवेश करते हैं क्योंकि अगर वह पैसा वह बैंक बचत खाते में जमा करवाते हैं तो उन्हें इतना ब्याज नहीं मिल पाता लेकिन इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से वह अच्छा ब्याज प्राप्त कर सकते हैं इस प्लेटफॉर्म की सारी प्रक्रिया कानूनी है और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के तत्वधान में संचालित है| रिज़र्व बैंक के अनुसार इस प्रकार के प्लेटफॉर्म गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (Non-banking financial companies – NBFCs) की कैटेगरी में आते हैं|

साल 2016 के अंत तक Peer to Peer lending पर कार्य करने वाले 30 से ज्यादा स्टार्ट-अप और कंपनियां शुरू हो चुकी हैं

List of Peer to Peer lending Company

कुछ Peer to Peer lending स्टार्ट-अप और कंपनियों की सूची इस प्रकार है-

क्रम संख्यास्टार्ट-अप और कंपनीवेबसाइट
1.LendBoxhttps://www.lendbox.in/
2.i2ifundinghttps://www.i2ifunding.com/
3.Monexohttps://www.monexo.co/in/
4.LenDenClubhttps://www.lendenclub.com/
5.Rupaiya Exchangehttps://www.rupaiyaexchange.com/
6.Faircenthttp://www.faircent.com/
7.India Money Marthttps://www.indiamoneymart.com/
8.Peer Lend Indiahttp://www.peerlend.in/
9.Cash Kumarhttps://cashkumar.com/
10.i-Lendhttps://www.i-lend.in/

पीयर टू पीयर लेंडिंग की प्रक्रिया – How Does Peer to Peer lending Works?

  • अगर आप उधार लेने वाले है या देने वाले हैं तो सबसे पहले आपको किसी भी एक Peer to Peer lending कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा|
  • अगर आप लोन लेना चाहते हैं तो आप यह पहले ही निश्चित कर लें कि आपको कितने समय के लिए और कितना लोन लेना है सामान्यतया इस प्रकार के प्लेटफार्म में लोन की अवधि 1 साल से 5 साल तक की होती है तो आप को इस समय अवधि को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय ले
  • जब आप उन प्लेटफॉर्म पर लोन के लिए आवेदन करते हैं तो उस कंपनी से जुड़े सभी निवेशकों के पास आपकी लोन एप्लीकेशन पहुंचती है
  • इसके बाद सभी निवेशक कम से कम ब्याज दर पर आपको लोन देने के लिए बोली लगाते हैं जिस किसी भी निवेशक की ब्याज दर की बोली सबसे कम होती है उसी के द्वारा आपको लोन मिलता है|
  • सभी कंपनियों के कुछ नियम अलग-अलग होते हैं इसलिए इस प्रकार के प्लेटफार्म से जुड़ने से पहले एक बार उनके नियम और दिशा-निर्देश अवश्य जांच लें|

पीयर टू पीयर लेंडिंग के फ़ायदे – Advantage of Peer to Peer Lending in Hindi:

आइये जानते है की ऑनलाइन Peer to Peer lending के माध्यम से पैसे उधार लेने के क्या क्या फ़ायदे है?

1. आसान और तेज़ सुविधा – Peer to Peer Lending in Hindi:

ऑनलाइन लैंडिंग यानी की उधार लेने की प्रक्रिया बहुत तेज़ होती है क्योंकि यह सब डिजिटल तरीके से होता है इसीलिए परंपरागत तरीके की अपेक्षा इसमें कम समय लगता है| ज्यादातर परिस्थितियों में आपका ऋण केवल 72 घंटों के भीतर ही अप्रूव हो जाता है| और ऋण लेने की यह प्रक्रिया आप घर बैठे बैठे ही पूरी कर सकते है आप को किसी दोस्त के पास जाने या बैंक के चक्कर काटने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं है|

2. कम दस्तावेजों की जरुरत – Peer to Peer Lending in Hindi:

ऑनलाइन Peer to Peer landing के लिए आपको बहुत ही कम दस्तावेजों की जरुरत पड़ती है और यह सरे दस्तावेज़ ऑनलाइन ही सबमिट किये जाते है| यहाँ आपको किसी जिम्मेदार व्यक्ति (Guranter) के हस्ताक्षर देने की भी जरुरत नहीं पड़ती|

3. कम ब्याज़ दर – Peer to Peer Lending in Hindi:

नीजी लोन लेने पर सभी बैंक बहुत ज्यादा ब्याज़ दर लेते है क्योंकि यह असुरक्षित लोन होते है लेकिन ऑनलाइन लैंडिंग में आपको बैंकों की तुलना में कम ब्याज़ दरों पर लोन मिल जाता है| क्योंकि ऑनलाइन लैंडिंग में कई सारे लेंडर्स (ऋण देने वाले) आपको लोन देने के लिए बोली लगाते है जिस वजह से आपको कम ब्याज़ दर पर लोन मिलना संभव हो पाता है|

4. कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं – Peer to Peer Lending in Hindi:

आप जब भी बैंकों से लोन लेने जाते है तब एक बार लोन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद आपको कुछ फीस अतिरिक्त शुल्क के रूप में देने पड़ते है वहां समय समय पर कई सारे अतिरिक्त शुल्क होते है जिनके बारे में शुरुआत में आपको नहीं बताया जाता है लेकिन लोन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद वह अतिरक्त शुल्क देने ही पड़ते है जबकि ऑनलाइन लैंडिंग में कोई भी अतिरिक्त शूलं नहीं होता आपको केवल पंजीकरण शुल्क (Registration Fees) जमा करना होता है|

5. कोई पनेल्टी नहीं – Peer to Peer Lending in Hindi:

जरा सोचिये की आपको आपके बिज़नस में प्रॉफिट हुआ है या नौकरी में अच्छा बोनस मिला है तो आप बैंक से लिया हुआ नीजी लोन तय समयसीमा से पहले ही चुकाना चाहते है, इसे में बैंक आपसे प्री-पेमेंट या प्री-क्लोजर पेनल्टी लेने की बात करते है इसका सीधा स मतलब यह होता है की बैंक आप से फाइन लेना चाहते है क्योंकि आप बैंक से लिया हुआ लोन मैच्योरिटी पीरियड से पहले ही चुका रहे है|

जबकि ऑनलाइन लैंडिंग की प्रक्रिया में एसा बिलकुल भी नहीं होता है इसमें आप बिना किसी पेनल्टी या फाइन के तय समयसीमा से पहले भी लोन आसानी से चुका सकते है| एसा बहुत ही कम होता है की तय समयसीमा से पहले लोन चुकाने पर कोई ऑनलाइन लैंडिंग प्लेटफार्म आपसे प्री-पेमेंट पेनल्टी चार्ज करे अगर होता भी है तो वह पेनल्टी बहुत कम होती है जिसे देने में आपको कोई परेशानी नहीं होती|

6. कम योग्यता मानदंड – Peer to Peer Lending in Hindi:

अगर आप में से किसी ने बैंक से लोन लिया है तो आप अच्छी तरह जानते होंगे की बैंक से लोन लेने के लिए किन किन योग्यता मानदंडों को पूरा करना पड़ता है| बहुत से लोग इन मानदंडों को पूरा न करने की वजह से ही लोन नहीं ले पाते| कम वेतन वाले व्यक्तियों के लिए तो बैंक से लोन अप्रूव करवाना पहाड़ तोड़ने के सामान हो जाता है अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो बैंक लोन देने से साफ़ मन कर देते है|

बैंकों की तुलना में ऑनलाइन लैंडिंग प्लेटफार्म पर लोन अप्रूव करवाना ज्यादा सुविधाजनक होता है यहाँ अगर आपके बैंक खाते का क्रेडिट स्कोर अच्छा भी नहीं है तब भी आपको लोन मिल जाता है| ऑनलाइन लैंडिंग में पहली बार लोन ले रहे लोगों के लिए क्रेडिट स्कोर के बजाय सोशल वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है| यानी की अगर आप ऑनलाइन लैंडिंग के माध्यम से पहली बार लोन ले रहे है तो आपको अपना क्रेडिट स्कोर दिखाने की कोई जरुरत नहीं है बस आपकी समाज में अच्छी इमेज होनी चाहिए|

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Peer to Peer Lending in india-full guide

उम्मीद है इस पोस्ट के माध्यम से आपको Peer to Peer lending का मतलब, प्रक्रिया और फ़ायदे अच्छी तरह समझ में आ गए होंगे| अगर फिर भी आपको किसी चीज़ में कोई समस्या हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में  उसके बारे में पूछ सकते है| अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ जरूर शेयर करें|

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