Company Registration in India in Hindi- Step by Step Process of Business Registration

इस अर्टिकल के माध्यम से हम जानेगे की आप किस प्रकार अपनी कंपनी का पंजीकरण (Company Registration) करवा सकते है? Business Registration की पूर्ण प्रक्रिया क्या है? Firm Registration के लिए जरुरी दस्तावेज़ कौन-कौन से है? Company Registration में कुल कितना समय लगता है? हमारे देश भारत में  कंपनियों व बिज़नस को किन-किन श्रेणियों में बांटा गया है? छोटा बिज़नस या छोटी कंपनी किसे कहते है?

Table of Contents

Company Registration in India in Hindi:

मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (Ministry of Corporate Affairs – MCA) के अनुसार भारत में बिजनेस पंजीकरण (Business Registration) या कंपनी का पंजीकरण (Company Registration) या फर्म पंजीकरण (Firm Registration) करवाना बहुत ही आसान है| बिजनेस, कंपनी और फर्म सभी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया (Registration Process) एक जैसी ही है| केवल 7 दिनों के अंदर आप अपनी कंपनी को पंजीकृत (Company Registration) करवा सकते हैं और अपनी कंपनी को पंजीकृत (Company Registration) करवाने के लिए आपको किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह सारी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाती है|Company registration

Small Business Registration in India in Hindi:

छोटे बिजनेस को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी माना जाता है| मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises – MSME) के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में हमारे देश में 3 करोड़ 60 लाख से भी ज्यादा छोटे बिजनेस चल रहे हैं जो 10 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं|

भारत में चलने वाले छोटे बिज़नस और कंपनिया सकल घरेलु उत्पादन (GDP) में 8 प्रतिशत का योगदान देते है| भारत में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले कुल उत्पादन का 45 प्रतिशत भाग छोटे बिज़नस और कंपनियों से ही आता है| अन्य देशों में भारत द्वारा निर्यात करने में छोटे बिज़नस 40 प्रतिशत हिस्सेदारी निभाते है|

हमारे देश भारत में छोटे बिजनेस का पंजीकरण (Business Registration) स्वैच्छिक प्रक्रिया है ना कि अनिवार्य प्रक्रिया| मतलब की कोई भी व्यक्ति या समूह जो छोटा बिजनेस चलाते हैं वह चाहे तो अपनी इच्छा अनुसार बिजनेस का पंजीकरण (Business Registration) करवाएं या ना करवाएं| लेकिन अपने बिजनेस का पंजीकरण (Business Registration) करवा कर आप कानूनी तौर पर कई सारे फायदे बिना किसी परेशानी के पा सकते हैं| जैसे कि अगर कभी किसी अन्य समूह या कंपनी द्वारा आपके बिजनेस पॉलिसी का उल्लंघन, दुर्व्यवहार या दुरुपयोग किया जाता है तो आप उनके खिलाफ दावा (Claim) आसानी से कर सकते है|

अब सवाल यह उठता है कि हमारे देश में किस प्रकार के बिजनेस को छोटा बिजनेस (Small Business) माना गया है? तो इसको समझने के लिए हमें निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना होगा|

हमारे देश में बिज़नस को दो वर्गों में विभाजित किया गया है

  1. खुदरा बिक्री/सेवा क्षेत्र (Retailing /Service Sector)
  2. निर्माण/उत्पादन क्षेत्र (Manufacturing Sector)

मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises – MSME) के अनुसार

खुदरा बिक्री/सेवा क्षेत्र (Retailing /Service Sector) से संबंधित ऐसे बिजनेस जिनकी कुल लागत 2 करोड रुपए से अधिक ना हो छोटे बिजनेस की श्रेणी में आते है तथा निर्माण/उत्पादन क्षेत्र (Manufacturing Sector) से संबंधित ऐसे बिजनेस जिनकी कुल लागत 5 करोड रुपए से अधिक ना हो वह भी छोटे बिजनेस की श्रेणी में आते हैं|

छोटे बिजनेस का पंजीकरण (Business Registration) किसी भी व्यवसाय को कानूनी रूप से शुरू करने का सबसे पहला कदम है| Registration करवाने से पहले आपको यह जानना होगा कि आपके बिजनेस या कंपनी का रूप कैसा है यानी कि बिजनेस को कौन चला रहा है और उसका स्वामित्व किसके पास है|

कंपनियों के प्रकार (Types of Companies in India):

हमारे देश में बिजनेस स्वामित्व को मुख्यतया 8 श्रेणियों में दर्शाया गया है

  1. एकल व्यक्ति कंपनी (One Person Company)
  2. एकमात्र स्वामित्व कंपनी (Sole Proprietorship Company)
  3. सीमित दायित्व भागीदारी (Limited Liability Partnership)
  4. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Private Limited Company)
  5. पब्लिक लिमिटेड कंपनी (Public Limited Company)
  6. गैर बैंकिंग वित्तीय निगम (Non-Banking Financial Corporation)
  7. संयुक्त हिंदू परिवार व्यवसाय (Joint Hindu Family Business)
  8. सहकारी संगठन (Co-operative Organization)

ऊपर दिए गई सभी श्रेणियों में से आपको अपने बिजनेस के लिए उपयुक्त श्रेणी का चुनाव करना है| नए बिजनेस की शुरुआत के समय सही श्रेणी का चुनाव करना एक उलझन भरी स्थिति होती है इसीलिए अगर आप भी इसको लेकर उलझन में है तो किसी जानकार से सलाह जरूर ले| हालांकि सभी श्रेणियों के अपने फायदे और सीमाएं हैं|

अगर आप स्वयं बिना किसी की भागीदारी के अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको एकमात्र मालिकाना कंपनी (One Person Company) श्रेणी का चुनाव करना चाहिए|

सीमित दायित्व भागीदारी (Limited liabiltiy Partnership – LLP) तभी चुने जब आपके बिजनेसका वार्षिक कारोबार 10 लाख रुपए से ज्यादा हो और आपके बिजनेस में दो या दो से अधिक साझेदार (Partners) सम्मिलित हो जो एक साथ मिलकर बिजनेस करना चाहते हो ना कि केवल निवेश करना|

अगर आपको लंबे समय के लिए बिजनेस करना है तो अपने बिजनेस के लिए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Public Limited Company) की श्रेणी का चुनाव कर सकते हैं|

Company Registration Process in india in Hindi:

भारत में अपने बिजनेस पंजीकरण (Business Registration) या कंपनी का पंजीकरण (Company Registration) या फर्म पंजीकरण (Firm Registration) के लिए आपको नीचे दी गई प्रक्रिया की पालना करनी करनी होगी| (Step by Step Process)

डिजिटल हस्ताक्षर (Obtain Digital Signature Certificate – DSC):

अपने कंपनी का पंजीकरण (Company Registration) करवाने के लिए जो सबसे पहला कदम है वह है सारे डायरेक्टर ( कंपनी के उच्च स्तर के कर्मचारी) के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण-पत्र (Digital Signature Certificate) प्राप्त करना, जिसे संक्षिप्त में DSC भी कहा जाता है|

बिज़नस या कंपनी से संबंधित पंजीकरण दस्तावेजों को ऑनलाइन सत्यापित करने तथा विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म्स (E-Forms) भरने के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (Digital Signature Certificate – DSC) की आवश्यकता होती है| Digital Signature Certificate – DSC के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के बाद 2 दिन के भीतर DSC प्राप्त किया जा सकता है|

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किए गए दस्तावेजों की सुरक्षा और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर के उपयोग का प्रावधान है| इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेज जमा करने का यह सबसे सुरक्षित और प्रमाणित तरीका है|

निर्देशक पहचान संख्या (Director Identification Number – DIN):

अगर आप भारतीय नागरिक हैं तो निर्देशक पहचान संख्या (Director Identification Number – DIN) प्राप्त करने के लिए आपके पास पैन कार्ड (Permanent Account Number – PAN) होना अनिवार्य है और अगर आप भारत के अलावा अन्य देश कि नागरिकता रखते हैं तो आपके पास पारपत्र (Passport) होना अनिवार्य है| आवेदन के पश्चात सिर्फ एक दिन में ही निर्देशक पहचान संख्या (Director Identification Number – DIN) प्राप्त की जा सकती है|

बिजनेस या कंपनी का नाम (Available Company Name for Registration):

बिजनेस के पंजीकरण (Business Registration) के लिए आपको अपने बिजनेस या कंपनी के नाम का ऐसा चुनाव करना है कि पूर्व में उस नाम से कोई अन्य बिजनेस या कंपनी पंजीकृत ना हो|

Memorandum and Article of Association (MOA and AOA):

मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) एक लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (Limited Liability Company) के पंजीकरण (Registration) के समय तैयार किया गया एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें कंपनी का नाम, मुख्य कार्यालय का पता पता, शेयरधारकों के नाम और उनके कुल हिस्से की जानकारी होती है|

इस दस्तावेज को INC-29 के साथ संलग्न किया जाता है यह बहुत ही महत्वपूर्ण आंतरिक दस्तावेज है इसलिए इसको तैयार करते समय पूर्ण रूप से सावधानी बरतना जरूरी है| इस बात का ध्यान रखें कि यह दस्तावेज बनाते वक्त कोई भी ऐसी गलत जानकारी इसमें अंकित ना करें जो आपके बिजनेस से संबंधित ना हो|

INC-29 फाइल करें (FIling INC-29):

बिजनेस या कंपनी से संबंधित सभी दस्तावेज तैयार हो जाने के बाद INC-29 फाइल करने के लिए आपको सभी आवश्यक दस्तावेज INC-29 के साथ संलग्न करने होंगे| चेक लिस्ट के माध्यम से इस बात की पुष्टि अवश्य कर लें कि आपने सभी आवश्यक दस्तावेज भलीभांति INC-29 के साथ संलग्न किए हैं या नहीं|

दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की कोई गलती होने पर आपको दोबारा दस्तावेजों में सुधार कर INC-29 फाइल करनी होगी| दस्तावेज पूर्ण रुप से सत्यापित और प्रमाणित होने पर 1 या 2 दिन के भीतर आपको ROC के द्वारा निगमन प्रमाण-पत्र (Incorporation Certificate) दे दिया जाएगा| अब आपकी कंपनी की पहचान कानूनी तौर पर एक पंजीकृत कंपनी (Registered Company) के रूप में की जा सकती है| निगमन प्रमाण-पत्र (Incorporation Certificate) ROC के द्वारा केवल डिजिटल फॉर्म में ईमेल (E-Mail) के माध्यम से भेजा जाता है| अब आपकी कंपनी पंजीकृत (Company Registered) हो चुकी है|

पैन कार्ड (Permanent Account Number):

निगमन प्रमाण-पत्र (Incorporation Certificate) प्राप्त करने के बाद पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने के लिए आयकर विभाग की यूनिट नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) की संबंधित शाखाओं में या एजेंट के पास आवेदन कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र कियोस्क से भी संपर्क कर सकते हैं|

चालू खाता (Open A Current Account):

पैन कार्ड प्राप्त होने के पश्चात नजदीकी बैंक में बिजनेस या कंपनी के नाम से चालू खाता (Current Account) खुलवाना होगा| बिजनेस चालू खाता खुलवाने के लिए खाते का प्रकार सावधानीपूर्वक चुने|

MSME उद्योग आधार पंजीकरण (MSME Udhyog Aadhar Registration):

एमएसएमई उद्योग आधार पंजीकरण (MSME Udhyog Aadhar Registration) एक आसान प्रक्रिया है| एमएसएमई उद्योग आधार के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं| उद्योग आधार का उद्देश्य बिजनेस कंपनी या फर्म के पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाना है|

TAN संख्या (TAN Number):

TAN संख्या को संबंधित राज्य आयकर विभाग के आकलन कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है आयकर भरने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है|

GST पंजीकरण (GST Registration):

जीएसटी (GST) का पूर्ण रूप गुड्स एंड सर्विस टैक्स (Goods and Service Tax) है| संसद सत्र में गुड्स एंड सर्विस टैक्स के लिए संविधान संशोधन विधेयक पारित होने के पश्चात प्रत्येक मौजूदा और नए व्यापारियों और व्यापार को तुरंत जीएसटी पंजीकरण (GST – Registration) करवाना अनिवार्य है|

व्यावसायिक कर पंजीकरण (Professional Tax Registration):

सभी प्रकार के बिजनेस और कंपनी के लिए व्यवसायिक कर पंजीकरण (Professional Tax Registration) करवाना अनिवार्य है हालांकि वार्षिक कर दर (Annual Tax Rate) अलग-अलग है| अपने बिजनेस या कंपनी में नए कर्मचारी नियुक्त करने के 30 दिनों के भीतर व्यवसायिक कर पंजीकरण (Professional Tax Registration) करवाना अति आवश्यक है अगर आप के कर्मचारी एक से अधिक राज्यों में कार्यरत हैं तो आपको  प्रत्येक राज्य के लिए व्यवसायिक कर पंजीकरण (Professional Tax Registration) करवाना होगा|

EPF पंजीकरण (EPF Registration):

अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत 20 या 20 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी EPF पंजीकरण (EPF Registration) की पात्र है अलग-अलग उद्योगों के लिए EPF की अलग-अलग दर निर्धारित की गई है

ESIC पंजीकरण (ESIC Registration):

ESIC का पूर्ण रूप ‘Employees State Insurance Corporation’ है इस स्कीम के अंतर्गत कंपनी में कार्य करने वाले कर्मचारियों को मौद्रिक और चिकित्सा लाभ जैसे कि बीमारी के खर्च का पूर्ण भत्ता, मातृत्व चिकित्सा सुविधा दी जाती है|

IEC Code (Importer Exporter Code):

IEC का पूर्ण रूप Importer Exporter Code है यह 10 अंकों वाली एक संख्या है जो किसी भी प्रकार के विदेशी व्यापार के लिए अनिवार्य है इसके लिए आप Directorate General Foreign Trade के नजदीकी क्षेत्रीय प्राधिकरण पर आवेदन कर सकते हैं|

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC (NOC From Pollution Control Board):

सबसे पहले इस बात की पुष्टि कर ले कि आप के बिजनेस को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिलने वाली NOC की जरूरत है या नहीं| सामान्यतया NOC तीन प्रकार की होती है 1. लाल 2. ऑरेंज और 3. हरी

FSSAI पंजीकरण (FSSAI registration):

FSSAI का पूर्ण रूप Food Safety and Standard Authority of India है| इस प्रकार का लाइसेंस खाद्य उद्योगों के लिए अनिवार्य है| खाद्य उद्योग की श्रेणी में रेस्टोरेंट, फूड फ्रेंचाइजी आउटलेट, बेकरी, कैंटीन, खाद्य उत्पादन कंपनी, कैफेटेरिया आदि आते हैं|

बिजनेस पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज – Documents Required for Company Registration:

  • बिजनेस या कंपनी के पंजीकरण (Registration) के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज जरूर होने चाहिए –
  • सभी प्रस्तावित डायरेक्टर के पासपोर्ट-साइज फोटोग्राफ
  • सभी प्रस्तावित डायरेक्टर पैन कार्ड की प्रति
  • सभी प्रस्तावित डायरेक्टर नवीनतम बैंक स्टेटमेंट/ टेलीफोन या मोबाइल बिल/ बिजली या गैस बिल
  • सभी प्रस्तावित डायरेक्टर मतदाता पहचान पत्र/ पासपोर्ट
  • नोटरी किया हुआ किराया एग्रीमेंट (अंग्रेजी भाषा में)
  • संपत्ति मालिक से ‘No-Objection’ प्रमाण-पत्र (No-objection Certificate from property owner)
  • पंजीकृत पते के लिए उपयोगिता बिल (Utility Bill for the registered address)

बिजनेस पंजीकरण के लिए लगने वाला कुल समय (Time Taken by MCA to approve Company Registration in India):

सामान्यतया उपरोक्त प्रक्रिया के अनुसार कंपनी रजिस्ट्रेशन (Company registration) करवाने पर 15 से 24 दिन का समय लग सकता है| पंजीकरण (Registration) में लगने वाला समय आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप कितना जल्दी सभी दस्तावेज (Documents) पंजीकरण (Registration) के लिए तैयार करते हैं|

आवेदन के समय दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गलती होने पर आपका आवेदन निरस्त किया जा सकता है इससे कंपनी पंजीकरण (Company Registration) में और भी अधिक समय लग सकता है इसलिए आवेदन से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेजों को पूर्ण रुप से जांच लें और सत्यापित कर ले| कंपनी के रजिस्ट्रेशन (Company Registration) की प्रक्रिया पूर्ण रूप से सत्यापित और प्रमाणित दस्तावेजों पर ही निर्भर करती है|

यह बात अवश्य ध्यान रखें कि कंपनी रजिस्ट्रेशन (Company Registration) की यह स्टैंडर्ड प्रक्रिया है जो भारत के लगभग सभी शहरों के लिए उपयुक्त है हालांकि कुछ शहरों में यह प्रक्रिया कम या ज्यादा हो सकती है|

उम्मीद है इस पोस्ट के माध्यम से आपको बिजनेस पंजीकरण (Business Registration) या कंपनी का पंजीकरण (Company Registration) या फर्म पंजीकरण (Firm Registration) के बारे में उपयोगी जानकारी जरूर मिली होगी| अगर आपके मन में इस पोस्ट से संबंधित कोई भी शंका है तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करना बिल्कुल भी ना भूलें|

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